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Sunday, 8 May 2016

अक्षय तृतीया जो इस वर्ष 9May को है उसका महत्व क्यों है

अक्षय तृतीया जो इस वर्ष 9May को है उसका महत्व क्यों है
अक्षय तृतीया को शास्‍त्रों में अक्षय पुण्य और धन दायक कहा गया है। शास्‍त्रों में बताया गया है क‌ि इस द‌िन व्यक्त‌ि जो भी शुभ काम करता है उसका पुण्य कभी खत्म नहीं होता। उसी तरह इस द‌िन जो व्यक्त‌ि देवी लक्ष्मी को प्रसन्न कर लेता है उसके घर में हमेशा देवी लक्ष्मी का वास बना रहता है। आप भी चाहें तो इस अक्षय तृतीया अपने घर में देवी लक्ष्मी को बुलाने के यह उपाय आजमा सकते हैं।मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय शीघ्र ही शुभ फल प्रदान करते हैं। आज हम आपको अक्षय तृतीया पर किए जाने वाले कुछ खास उपाय बता रहे हैं। इन उपायों को विधि-विधान पूर्वक करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
धन लाभ के लिए उपाय
अक्षय तृतीया की रात साधक (उपाय करने वाला) शुद्धता के साथ स्नान कर पीली धोती धारण करें और एक आसन पर उत्तर की ओर मुंह करके बैठ जाएं। अब अपने सामने सिद्ध लक्ष्मी यंत्र को स्थापित करें जो विष्णु मंत्र से सिद्ध हो और स्फटिक माला से नीचे लिखे मंत्र का 21 माला जाप करें। मंत्र जाप के बीच उठे नहीं, चाहे घुंघरुओं की आवाज सुनाई दे या साक्षात लक्ष्मी ही दिखाई दे।
मंत्र
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं ऐं ह्रीं श्रीं फट्
इस उपाय को विधि-विधान पूर्वक संपन्न करने से धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न हो सकती हैं और साधक की धन संबंधी समस्या दूर कर सकती हैं।
 जानिए कुछ महत्वपुर्ण जानकारी
-🙏 आज  ही के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था ।
🙏-महर्षी परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था ।

🙏-माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था

🙏-द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने आज ही के दिन बचाया था ।

🙏- कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था ।

🙏- कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था ।

🙏-सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था ।

🙏-ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था ।

🙏- प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बद्री नारायण जी का कपाट आज ही के दिन खोला जाता है ।

🙏- बृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में साल में केवल आज ही के दिन श्री विग्रह चरण के दर्शन होते है अन्यथा साल भर वो बस्त्र से ढके रहते है ।

🙏- इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था ।


🙏- अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है

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